मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा बिहार के मुख्य मंत्रियों के बीच अन्तर्राज्यीय समझौते के आधार पर बाणसागर बांध तथा सम्बन्धित कार्यों के सफल, मित्तव्ययी एवं शीघ्र निष्पादन के लिए जनवरी, 1976 में बाणसागर नियंत्रण बोर्ड गठित हुआ था। सम्बन्धित राज्य उनके क्षेत्रों के अन्दर नहर तथा विद्युत प्रणालियों के कार्यों को करते हैं । बाणसागर बांध तथा इससे सम्बध्द संरचनाओं के निर्माण की सम्पूर्ण जिम्मेदारी नियंत्रण बोर्ड की है । केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री बोर्ड के अध्यक्ष हैं तथा केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री, मुख्यमंत्री तथा मध्य प्रदेश के विद्युत प्रभारी मंत्री इसके सदस्य हैं। अध्यक्ष, केन्द्रीय जल आयोग की अध्यक्षता में बनी कार्यकारी समिति बोर्ड के कार्यों का प्रबन्धन करती है ।
बोर्ड का सचिवालय रीवा में स्थित है तथा इसके अध्यक्ष सचिव हैं । बीसीबी जल संसाधन मंत्रालय के अन्तर्गत एक अधीनस्थ कार्यालय है । बोर्ड के कार्यालय का खर्च प्रारम्भ में केन्द्रीय जल संसाधन मंत्रालय के बजट से तथा उसके बाद मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा बिहार राज्यों द्वारा बराबर अनुपातों में वापस किया गया । बाणसागर बांध की लागत एवं लाभ मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश तथा बिहार राज्यों में 2:1:1 के अनुपात में हिस्सेदारी होगी ।
|