सिंचाई आयोग १९७२ ने ८ राज्यों में स्थित ३२६ तालुकों को शामिल करते हुए ६७ सूखा-प्रवण क्षेत्र अभिज्ञात किए हैं जिनका क्षेत्र ४९.७३ मिलियन हैक्टेयर है। तदनन्तर राष्ट्रीय कृषि आयोग ने किंचित भिन्न मानदण्ड अपनाते हुए कुछ और सूखा-प्रवण क्षेत्र अभिज्ञात किए।
सीडब्लयूसी के १९७८ में स्थापित भूतपूर्व सूखाक्षेत्र अध्ययन और अन्वेषण संगठन ने और आगे अध्ययन करने के उद्देश्य से सिंचाई आयोग और साथ ही राष्ट्रीय कृषि आयोग द्वारा अभिज्ञात जिलों की सूची पर विचार करने के बाद ९९ जिलों के साथ शुरूआत की। |