नर्मदा नदी से सम्बन्धित जल विवाद के बारे में निर्णय लेने के लिए गठिन नर्मदा जल विवाद अधिकरण ने अपने अन्तिम आदेश में अपने निदेशों और निर्णयों के कार्यान्वयन के लिए एक तंत्र की स्थापना का प्रावधान किया था। तदनुसार केन्द्रीय सरकार ने नर्मदा जल स्कीम बनाई थी जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ प्राधिकरण के निर्णयों को कार्यान्वित करने के लिए नर्मदा नियंत्रण प्राधिकरण की स्थापना की गई थी। प्राधिकरण के प्रमुख कार्य निम्नानुसार हैं:
नर्मदा बेसिन में इंजीनियरी कार्यों, पर्यावरणात्मक सुरक्षा उपायों तथा पुनर्वास कार्यक्रम सहित सभी परियोजनाओं के कार्यान्वयन का समग्र समन्वय और मार्गदर्शन और उपर्युक्त परियोजनाओं की मंजूरी के समय केन्द्रीय सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों और उपबन्धों का निष्ठापूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करना।
निम्न के सम्बन्ध में प्राधिकरण के आदेश के कार्यान्वयन के लिए ऐसी कोई अथवा सभी बातें करना जो कि जरूरी, पर्याप्त और सामयिक हों:
- नर्मदा जल का भण्डारण, बंटवारा, विनियमन और नियंत्रण।
- सरदार सरोवर परियोजना के विद्युत लाभों में हिस्सेदारी।
- मध्य प्रदेश द्वारा नियमित रूप से पानी छोड़ना।
- जिन भूमियों और सम्पत्तियों के सरदार सरोवर में निमग्न हो जाने की संभावना है, सरदार सरोवर परियोजना के लिए सम्बन्धित राज्यों द्वारा उनका अभिग्रहण।
- विस्थापितों को मुआवजा और उनका पुनर्वास तथा पुनर्स्थापना।
- लागतों में हिस्सेदारी।
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