1 कुरनूल, कुडप्पा नहर, आन्ध्र प्रदेश का आधुनिकीकरण
इस परियोजना का लक्ष्य आन्ध्र प्रदेश में सुन्केनसुला बराज, मुख्य नहर तथा संरचना सहित वितरिकाओं, अल्गनूर सन्तुलनकारी जलाशय, सड़कों, जल निकासी तथा फार्म पर विकास निर्माण करके एक सौ वर्ष पुरानी कुरनूल कुडप्पा नहर प्रणाली का आधुनिकीकरण करना है। दिनांक 25 जनवरी, 1996 के समझौते के अधीन परियोजना के लिए 16,049 मिलियन येन की ऋण सहायता का प्रयोग किया जाएगा। ऋण की पहली किश्त का प्रयोग 26.2.2005 तक किया जाना है। दिसम्बर, 2004 तक 660.25 करोड़ रुपए के समतुल्य 16112.258 मिलियन येन की राशि का प्रयोग किया जा चुका है। 4773 मिलियन येन की ऋण की दूसरी किश्त भी 18.6.2004 को देय हो गई है।
2 राजघाट नहर वृहद सिंचाई परियोजना
इस परियोजना का लक्ष्य मध्य प्रदेश में गुना, शिवपुरी, टीकमगढ़, दतिया तथा भण्डि जिलों में चार नहर प्रणालियों अर्थात लेफ्ट बैंक नहर, दतिया कैरियर नहर का निर्माण करके तथा भण्डार नहर प्रणाली को नया रूप देकर 1,21,450 हैक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई क्षमता पैदा करना है। परियोजना के लिए 13,222 मिलियन की राशि के लिए जापानी पक्ष द्वारा 25.2.1997 को हस्ताक्षर किए गए। परियोजना कार्यान्वयन की अवधि छः वर्ष अर्थात 29.5.2006 (संवितरण बन्द) तक है। दिसम्बर, 2004 तक 358.706 करोड़ रुपए के समतुल्य 9094.930 येन की राशि का प्रयोग किया जा चुका है। परियोजना की सिंचाई क्षमता 1,21,450 हैक्टेयर है।
3 रेंगाली सिंचाई परियोजना, उड़ीसा
रेंगाली सिंचाई परियोजना दिनांक 12.12.1997 के एक समझौते के अधीन 7760 मिलियन येन की जेबीआईसी सहायता से कार्यान्वित की जा रही है। इस परियोजना में ये बातें सोची गई हैं (i) रेंगाली लेफ्ट बैंक नहर प्रणाली का 30 किलोमीटर से लेकर 71.3 किलोमीटर तक निर्माण; (ii) प्रशिक्षण; (iii) परामर्शी सेवाएं; (iv) कृषि तीव्रीकरण कार्यक्रम तथा (v) फार्म पर ही विकास कार्यक्रम। पहली किश्त के लिए ऋण वैधता दिसम्बर, 2004 तक थी। दिसम्बर, 2004 तक 263.50 करोड़ रुपए के समतुल्य 6573.26 मिलियन येन की राशि का प्रयोग किया जा चुका है। 6342 मिलियन येन की दूसरी किश्त भी 18.6.2004 से प्रभावी हो गई है।
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