सिंधु जल संधि के अनुसार भारत द्वारा प्रभावी तारीख के बाद निर्मित किए जाने वाले एकल प्रयोजन तथा बहु प्रयोजन जलाशयों सभी की कुल भण्डारण क्षमता निम्न से अधिक नहीं होगीः
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नदी प्रणाली |
संरक्षण भण्डारण क्षमता |
बाढ़ भण्डारण क्षमता (एमएएफ)
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सामान्य भण्डारण क्षमता (एमएएफ) |
विद्युत भण्डारण क्षमता (एमएएफ) |
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(क) |
सिंधु |
0.25 |
0.15 |
शून्य |
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(ख)
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झेलम (झेलम मुख्य को छोड़कर) |
0.50
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0.25
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0.75
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(ग)
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झेलम मुख्य
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शून्य
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शून्य
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संधि के संलग्नक ई के पैरा 9 में किए गए प्रावधान के अनुसार |
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(घ)
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चिनाब (चिनाब मुख्य को छोड़कर) |
0.50
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0.60
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शून्य
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(ड.)
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चिनाब मुख्य |
शून्य
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0.60
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शून्य
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किन्तु शर्त यह है कि
(i) उपर्युक्त कालम (3) में निर्दिष्ट भण्डारण का प्रयोग विद्युत ऊर्जा के उत्पादन सहित किसी भी प्रयोजन के लिए किया जा सकता है।
(ii) उपर्युक्त कालम (4) में निर्दिष्ट भण्डारण का प्रयोग गैर-उप भोज्य (बाढ़ सुरक्षा आविवा बाढ़ नियंत्रण के अलावा) अथवा घरेलू प्रयोजन के लिए किया जा सकता है।
(iii) भारत को उपर्युक्त मद (ख) अथवा (ड.) के सामने निर्दिष्ट विद्युत भण्डार क्षमता में समान मात्रा में कमी लाकर उपर्युक्त मद (घ) में निर्दिष्ट विद्युत भण्डारण क्षमता में बढ़ोतरी करने की छूट प्राप्त होगी। |