प्रभावी तारीख अर्थात 1.4.1960 को पश्चिमी नदियों से सिंचित किए जा रहे 6.42 लाख एकड़ क्षेत्र तथा रणवीर और प्रताप नहरों से अनुमत्य निकासी के अलावा भारत को नीचे दिए विवरणों के अनुसार अतिरिक्त सिंचित फसल क्षेत्र (आईसीए) को सिंचित करने का हक है।
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नदी का नाम |
सिं धु |
झेलम |
चिलाब |
योग |
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आईसीए एकड़ों में |
70,000 |
4,00,000 |
2,31,000 |
7,01,000 |
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तथापि भारत पर इस आशय का एक प्रतिबन्ध लगा दिया गया है कि जब तक भारत संधि के संलग्नक 'ई' में यथापरिभाषित संरक्षण भंण्डार से पानी नहीं छोड़ सकता, नदी प्रवाह से प्राप्त पानी से सिंचित नए क्षेत्र निम्न से अधिक नहीं होंगेः |
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नदी का नाम |
सिं धु |
झेलम |
चिलाब |
योग |
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आईसीए एकड़ों में |
70,000 |
1,50,000 |
50,000 |
2,70,000 |
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