जहां जल मानव जीवन के अस्तित्व के लिए जरूरी है, वहां यह मानवीय स्वास्थ्य के लिए समस्याएं भी पैदा कर सकता है क्योंकि यह टाइफायड, हैजा, अतिसार, मलेरिया, फाइलेरिया, शिष्टोसोमियासिस आदि जैसे रोगों के लिए रोगवाहकों का वाहक भी होता है। फिर भी जल विकास परियोजना का कुप्रबन्ध होने पर भी उन्होंने देश में मानवीय स्वास्थ्य में उपयोगी योगदान दिया है।
मानवीय स्वास्थ्य सम्बन्धी लाभों में महत्वपूर्ण लाभ बुनियादी खाद्यों के बढ़े हुए उत्पादन के फलस्वरूप बेहतर खुराक, फल और सब्जियां उगाने का नया अवसर, ऐसे लोगों की खाद्य के लिए बढ़ी हुई क्रय शक्ति जो कि उनके द्वारा पैदा नहीं किए जाते जो कि खेत पर होते हैं। अन्य पौषणिक सुधार मत्स्य पालन के विकास तथा घरेलू पशुओं को चारा खिलाने और पानी पिलाने की बेहतर सुविधाओं का परिणाम है जो कि खुराक और आय में भी काफी बढ़ोतरी कर सकती है। जल विकास परियोजनाओं की उन्नति से केवल यही नहीं कि देश बाढ़ और सूखे पर काबू पाने के योग्य हो सका बल्कि उसने निरन्तर बढ़ती हुई जनसंख्या के लिए पर्याप्त भोजन और कपड़ा भी मुहैया कराया है।
देश के अधिकांश भागों में आजकल सुरक्षित जल की जिस कमी का अनुभव किया जा रहा है, उसे देखते हुए जल विकास परियोजनाओं में मानवीय प्रयोग के लिए सुरक्षित जल की सुविधाएं उपलब्ध रहती हैं।
देश में कार्यान्वित प्रायः सभी परियोजनाएं घरेलू प्रयोग के लिए पानी उपलब्ध कराती हैं हालांकि इनमें से कुछ परियोजनाएं मूलतः इस लक्ष्य को सामने रख कर नहीं बनाई गई थीं। क्योंकि 80-90 प्रतिशत वर्षा केवल मानसून के दौरान ही होती है इसलिए घरेलू प्रयोग के लिए पानी को संचित करना जरूरी हो जाता है। जल आपूर्ति ने बेहतर जल निकासी और सफाई के जरिए आबादी वाले क्षेत्रों के साफ और स्वच्छ रखने में भी सहायता प्रदान की है। इस प्रकार जल आपूर्ति ने स्वास्थ्य के सुधार में योगदान दिया है। |