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भूमि जल संवर्ध्दन पुरस्कार एवं राष्ट्रीय जल पुरस्कार
22.07.2006 को आयोजित भूजल के कृत्रिम पुनर्भरण संबंधी सलाहकार परिषद की पहली बैठक में की गई सिफारिश के अनुसार, जल संसाधन मंत्रालय ने पंजीकृत गैर सरकारी संगठनों, ग्राम पंचायतों एवं शहरी स्थानीय निकायों (1 लाख तक की जनसंख्या के लिए) द्वारा वर्षा जल संचयन और कृत्रिम पुनर्भरण के माध्यम से भूमि जल संवर्धन की नूतन पध्दतियों को अपनाने के लिए वर्ष 2007 के दौरान एक राष्ट्रीय पुरस्कार सहित 18 भूमि जल संवर्ध्दन पुरस्कारों की शुरूआत की थी । 11.09.2008 को आयोजित भूजल सम्मेलन के समापन सत्र के दौरान भारत की महामहिम राष्ट्रपति द्वारा वर्ष 2007 के प्रथम भूजल पुरस्कार दिए गए । राष्ट्रीय जल पुरस्कार महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के हिवरे बजार ग्राम पंचायत को दिया गया तथा भूमि जल संवर्धन पुरस्कार 14 ग्राम पंचायतों/गैर सरकारी संगठनों/स्थानीय निकायों को दिए गए ।
उपरोक्त पुरस्कारों के क्षेत्र को व्यापक करने के लिए दिशानिर्देश संशोधित किए गए हैं और किसान सहभागिता कार्रवाई अनुसंधान कार्यक्रम का कार्यान्वयन कर रहे संस्थानों, कारपोरेट क्षेत्र तथा व्यक्ति विशेष/संस्थानाें की 3 और श्रेणियां शामिल की गई हैं । संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, वर्षा जल संचयन और कृत्रिम पुनर्भरण, जल उपयोग दक्षता को प्रोत्साहित कर, पुन:चक्रण एवं पुन:उपयोग द्वारा भूजल संवर्धन की नूतन पध्दतियां अपनाने तथा दावाधारकों के बीच भूजल संसाधन और पर्याप्त क्षमता के विकास को बनाए रखने के लिए लक्षित क्षेत्रों में लोगों की भागीदारी के माध्यम से जागरूकता पैदा करने के लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओएस) /ग्राम पंचायतों/शहरी स्थानीय निकायों (1 लाख तक की जनसंख्या के लिए)/संस्थानों/निगमित क्षेत्र और व्यक्ति विशेष को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भूमि जल संवर्ध्दन पुरस्कार और राष्ट्रीय जल पुरस्कार शुरू किए गए हैं।
वे श्रेणियां जिनके लिए पुरस्कार शुरू किए गए हैं इस प्रकार हैं :-
1-3. लक्षित क्षेत्रों में लोगों की भागीदारी के माध्यम से वर्षा जल संचयन और कृत्रिम पुनर्भरण के माध्यम से भूजल संवर्ध्दन के लिए नूतन पध्दतियों को अपनाने के लिए गैर सरकारी संगठनों (एनजीओएस)/ ग्राम पंचायतों एवं शहरी स्थानीय निकायों (1लाख तक की जनसंख्या के लिए) के लिए ।
4. प्रौद्योगिकी की जल उपयोग दक्षता एवं प्रभावकारिता और लोगों द्वारा इसकी स्वीकृति को बढ़ावा देने में किसान सहभागिता कार्रवाई अनुसंधान कार्यक्रम का कार्यान्वयन करने वाले संस्थानों के लिए ।
5. कारपोरेट सेक्टर के लिए- वर्षा जल संचयन, पुन:चक्रण और पुन: उपयोग के द्वारा जल का संरक्षण करने में तथा प्रदूषण नियंत्रण और जल गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए उपाय शुरू करने के संबंध में जागरूकता को बढ़ावा देना ।
6. वर्षा जल संचयन के लिए नई तकनीकों का विकास करने, जल से संबंधित लगभग सभी मामलों में जागरूकता लाने में कार्यरत व्यक्तियों/संस्थानों के लिए । भूजल पुनर्भरण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन, बेहतर प्रयासों के विकास/कार्यान्वयन में सफलता ।
भूमि जल संवर्धन पुरस्कार एवं राष्ट्रीय जल पुरस्कार की दिशानिर्देश
राष्ट्रीय जल पुरस्कार विजेता
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